जल, जंगल और जमीन" उपन्यास: आदिवासी जीवन की त्रासदी
Abstract
भारतीय साहित्य में आदिवासी जीवन और उनके संघर्षों को अभिव्यक्ति देने वाले उपन्यास अपेक्षाकृत कम लिखे गए हैं। अधिकतर मुख्यधारा का साहित्य शहरी जीवन, मध्यमवर्गीय चिंताओं और सामंती संरचनाओं पर केंद्रित रहा। किंतु स्वतंत्रता के बाद विशेषकर 1980 के दशक के बाद आदिवासी विमर्श को साहित्य में नए आयाम मिले। इसी कड़ी में “जल, जंगल और जमीन” उपन्यास आदिवासी जीवन की त्रासदी और उनके संघर्ष की गाथा प्रस्तुत करता है। यह उपन्यास केवल एक कथा नहीं, बल्कि आदिवासियों के उस दर्दनाक अनुभव का दर्पण है जिसमें विकास के नाम पर उनसे उनका जल, जंगल और जमीन छीन लिया जाता है।
Full text
133 International Journal of Advance and Applied Research www.ijaar.co.in ISSN – 2347-7075 Impact Factor – 8.141 Peer Reviewed Bi-Monthly Vol. 6 No. 40 September - October - 2025 , ” : .. 1, . 2 , , , , Corresponding Author – .. DOI - 10.5281/zenodo.17656889 : , 1980 ‚, ‛ , , 1. : - , , , , , , - 2. : , , , , - ‚ ‛ 3. : ,
IJAAR Vol. 6 No. 40 ISSN – 2347-7075 .. , . 134 , ‘’ 4. : - 5. : , , -- , , - - : , , , -- , , , : , , 1. – 2. – , , , 3. – , : , : 1. , 2. 3.
IJAAR Vol. 6 No. 40 ISSN – 2347-7075 .. , . 135 -- - : , - : , - : 1. - (, , ) 2. ( ) : , , - : , , ? , ? -- : ‚--‛ , “, ‛ ,
IJAAR Vol. 6 No. 40 ISSN – 2347-7075 .. , . 136 -, -- , (References): 1. , . , . : , 2002. 2. , . . : , 2015. 3. , . , . : , 2010. 4. , . . : , 2018. 5. Government of India. Forest Rights Act, 2006. 6. Constitution of India, Ministry of Law and Justice, Govt. of India